Tuesday, September 27, 2016


गूगल को 18 वां जन्मदिन मुबारक


ब्लॉग की दुनिया में 3 साल बाद दुबारा हाज़री लगा रहा हूँ
और आज तो शुभ दिन भी है
गूगल का 18 वां जन्मदिन।।

मज़ेदार बात यह है कि गूगल ने चार अलग अलग दिनों को अपनी बर्थडे का दिन माना है।
गूगल ने 2013 में स्वीकार किया कि उसने चार अलग तारीखों पर जन्मदिन मनाया है लेकिन अब यह जन्मदिन कई वर्षों से 27 सितंबर को ही मनाया जा रहा है और यह वह दिन है जब गूगल ने 2002 में पहली बार अपने जन्मदिन के लिए डूडल का इस्तेमाल किया था।

18 वीं बर्थडे पर Google का Doodle यह रहा :


Sunday, July 7, 2013


यह पाकिस्तान है


  • पाकिस्तान और अमेरिका एक ही जैसी सोच के मालिक हैं . अमेरिका पुरानी जंगें बंद करने के लिए नयी जंगें छेड़ लेता है और यही हाल पाकिस्तान अपने क़र्ज़ों के साथ करता है।
  • पाकिस्तानी समाज में जिसको भी आएना दिखाया जाये तो जवाब मिलता है के फ़लाँ फ़लाँ के चहरे पर भी तो पिछले साल चिचेक निकल आई थी।
  • पाकिस्तानी हुकूमत टैक्स के ज़रिए आतंकवाद को ख़तम करने का इरादा रखती है .. यानी ... "बम" बनाने का सामान ही इतना महँगा कर दिया जाए के वारदात करने का सवाल ही पैदा ना हो।
  • जनरल मुशर्रफ़ को रमज़ान से कई महीने पहले ही उनके फ़ार्म हाउस पर क़ैद कर दिया गया था जिस से उनका मुक़ाम और मर्तबा दोनों मालूम हो जाते हैं।
  • मुबारक हो पाकिस्तानियो ! ख़ून ज़रदारी चूस गया , गोश्त बचा है वह शेर (नवाज़ ) खा जाएगा , रह गयी खाल .. वह तो लंदन वाले (अलताफ़ ) की ही है।

Tuesday, July 20, 2010


भारतीय रूपया का प्रतीक-चिह्न


भारत की कर्रंसी (currency) का प्रतीक (symbol) आख़िर कार डिजाईन हो गया है.

विकिपीडिया पर तफ़्सील : यहाँ

Saturday, January 2, 2010


स्‍वागत 2010




नया साल आया है
वीरान सुबह के नीले आसमाँ से उभरता
ठिठरती खमुशी में बर्फ़ीली सीटी बजाता
दबे पाऊँ आया
ठंडी शामों की खमुशियाँ
उसके क़दमों की आहट समेटे
रास्तों में, साएबानों में सिसक रही हैं
निकल आती है शब् को दरीचों की छिदों से
पुरजोश झोंकों की बेतहाशा ठंडक
ठन्डे पानियों के परिंदे
किनारे पर खड़े पेड़ों की नमनाक शाखों की तरफ उड़े जा रहे हैं
आंगनों में , छतों पर खड़े लोग
धड़कते दिलों में हज़ारों खाहिशों की शमें जलाए
दबे पाऊँ आते हुए साल को देखते हैं !!

Sunday, December 6, 2009


बाबरी मस्जिद - 6-Dec-1992


6-December-1992
तुझ  से महरूमी का ग़म सदयौं रूलाए गा मगर
अपने दीवानों को जीने का हुन्र देकर गयी !!!